पाक रमजान का महीना
चल रहा है। इस दौरान रोजा रखकर बंदे खुदा की इबादत कर रहे हैं। रोजेदारों
का कहना है कि रोजे का मतलब सिर्फ भूखे प्यासे रहना ही नहीं होता है। इस
दौरान रोजेदार को हर तरह की बुराई से बचना चाहिए।
उसके शरीर के हर हिस्से का रोजा होता है। उसे
अपनी जुबान से किसी के लिए बुरा नहीं बोलना चाहिए। किसी के बारे में मन में
गलत विचार नहीं लाने चाहिए। किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए और दूसरों की
मदद करने की कोशिश करनी चाहिए।
न कानों से कोई बुरी चीज सुननी चाहिए और न ही कोई नाजायज चीज देखनी चाहिए। ऐसा करने से मकबूल होता है। ये महीना रहमत का होता है। इस दौरान हर किसी को अच्छाई के मार्ग पर चलना चाहिए।
न कानों से कोई बुरी चीज सुननी चाहिए और न ही कोई नाजायज चीज देखनी चाहिए। ऐसा करने से मकबूल होता है। ये महीना रहमत का होता है। इस दौरान हर किसी को अच्छाई के मार्ग पर चलना चाहिए।
रोजा
रखने का मतलब सिर्फ भूखे प्यासे रहना ही नहीं होता है। शरीर के हर हिस्से
का रोजा होता है। इस दौरान रोजेदार को हर बुरे काम करने से बचना चाहिए।
किसी के बारे में करना तो दूर बुरा तक नहीं सोचना चाहिए।
-रिजवान खान
रमजान का महीना रोजेदार को नेक राह पर चलने के लिए प्रेरित करता है। इस दौरान रोजेदार बुराई को त्याग कर अच्छाई को अपनाता है। इस दौरान सच्चे दिल से खुदा की इबादत करनी चाहिए और दूसरों का भला करने की कोशिश करनी चाहिए।
-अदीबा खान
रोजेदार को इस दौरान जरूरतमंद की मदद करनी चाहिए। ये महीना किस्मत वालों को नसीब होता है। जिनको ये महीना मिलता है उनको इसकी कद्र करनी चाहिए। इस महीने में पवित्र कुरान को अल्लाह ने नाजिल किया था।
-मुजफ्फर सकूरी
-रिजवान खान
रमजान का महीना रोजेदार को नेक राह पर चलने के लिए प्रेरित करता है। इस दौरान रोजेदार बुराई को त्याग कर अच्छाई को अपनाता है। इस दौरान सच्चे दिल से खुदा की इबादत करनी चाहिए और दूसरों का भला करने की कोशिश करनी चाहिए।
-अदीबा खान
रोजेदार को इस दौरान जरूरतमंद की मदद करनी चाहिए। ये महीना किस्मत वालों को नसीब होता है। जिनको ये महीना मिलता है उनको इसकी कद्र करनी चाहिए। इस महीने में पवित्र कुरान को अल्लाह ने नाजिल किया था।
-मुजफ्फर सकूरी
सोर्स:अमर उजाला
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