मान-मर्यादा की खातिर भाईयों ने अपनी बहन को ही सरेआम जिंदा जला दिया। 30 वर्षीय बहन शादी के आठ साल बाद घरवालों से मिलने आई थी। वो अपने माता-पिता का हाल जानने और भाईयों की खैर-खबर लेने आई थी। लेकिन उसकी बदकिश्मती देखिए कि जिनका हाल-चाल लेने वो इतने वर्षों बाद घर आई थी, वही अपने लोग उसके खून के प्यासे बैठे थे।

स्वागत सत्कार, लाड़-दुलार की कौन कहे, बेहरम भाईयों और उनके सगे संबंधियों ने सबके सामने जिंदा आग के हवाले कर दिया और कुछ ही देर में उसकी चीखें आग की धू-धू करती लपटों में फना हो गईं। कुछ ही पलों में जीती-जागती बहन खाक में तब्दील हो गई। बहन को इस तरह मौत के घाट उतारने से उन दरिंदों को शायद सुकून मिला हो, लेकिन वारदात से एक घर नहीं बल्कि पूरी इंसानियत शर्मसार हुई है।

बहन-भाई के पवित्र रिश्ते पर बदनुमा दाग है जिसका निशान ताउम्र बना रहेगा।

पीटीआई की खबर के मुताबिक राजस्थान के दुंगारपुर के पचलासा गांव में करीब आठ साल पहले रामा कुंवर नाम की महिला ने प्रकाश सेवक नाम के शख्स से भागकर शादी कर ली थी। रामा कुंवर ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ दूसरी जाति के युवक से प्यार किया और उसके साथ भाग भी गई।

झूठी शान में हत्या, भाईयों ने बहन को ही जिंदा जला दिया

 

घरवालों से मिलने आई थी, लेकिन कभी वापस नहीं लौैटी

रामा कुंवर की इस बात को लेकर घरवालों के सीने में प्रतिशोध और क्रोध की आग धधक रही थी। वहीं रामां कुवर को लगा कि इतने साल गुजरने के बाद घरवालों का गुस्सा शांत हो गया होगा। उसे लगा कि शायद घर वाले उसे स्वीकार कर फिर से वही लाड़-दुलार दें।

लेकिन रामा कुंवर जैसे ही अपने गांव, अपने घर पहुंची, उसे देखकर भाई आग बबूला हो गए और बहन को घसीटकर सबके सामने लाकर उसे आग के हवाले कर दिया।

जिस वक्त महिला के साथ वारदात को अंजाम दिया गया, उस वक्त उसका पति प्रकाश सेवक मौजूद नहीं था।

पुलिस के मुताबिक बेहद सनसनीखेज इस मामले में मृतका के भाई लक्ष्मण सिंह समेत 7 इनअनलोगों को गिरफ्तार किया गया है। आगे की तप्तीश जारी है।
 
 
 
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